भागीरथपुरा दूषित जल कांड की सुनवाई

इंदौर , 15 जनवरी 2026 : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में गुरुवार को भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों के मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय के निर्देश पर प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए।

सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ने अदालत में स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजय बागड़िया ने बताया कि रिपोर्ट में यह स्वीकार किया गया है कि भागीरथपुरा में कुल 23 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 17 से 18 मौतें दूषित जल के सेवन के कारण हुई हैं, जबकि शेष मृतक पहले से ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की निगरानी जारी रखने के संकेत दिए हैं। बताया गया कि इस प्रकरण में अगली सुनवाई आगामी मंगलवार को हो सकती है, जिसमें प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों और पीड़ितों को राहत–मुआवजा संबंधी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

भागीरथपुरा में दूषित जल से फैली बीमारी और मौतों के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं, जिसे लेकर हाई कोर्ट लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।