रतलाम |
पेयजल प्रदूषण से जुड़े एक गंभीर मामले में स्थायी लोक अदालत, रतलाम ने नगर निगम के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। अधिवक्ता विजय सिंह यादव द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह मामला आवेदक हरीश बुलचंदानी की शिकायत से संबंधित है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके घर के पीछे स्थित नाली का गंदा पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में मिल रहा है।

शिकायतकर्ता ने इस संबंध में न्यायालय के समक्ष आवश्यक साक्ष्य एवं फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान प्रथम जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत श्री संजीव कटारे ने नगर निगम आयुक्त (पीडब्ल्यूडी अनुभाग) को पुनः स्मरण पत्र जारी किया।


उल्लेखनीय है कि न्यायालय द्वारा नगर निगम से इस प्रकरण में 12 जनवरी 2026 तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन निगम द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, जिसे न्यायालय ने गंभीर लापरवाही माना है।


अब माननीय न्यायालय ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि पत्र प्राप्ति के 7 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में रिपोर्ट पेश न होने की स्थिति में नगर निगम की अनुपस्थिति में एकपक्षीय अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।


इस प्रकरण की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, रतलाम को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है। पेयजल में सीवरेज का गंदा पानी मिलने का यह मामला जनस्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 20+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।