इंदौर: एमवाय अस्पताल के नए भवन का शिलान्यास, 1250 बेड का होगा अत्याधुनिक अस्पताल

इंदौर, रविवार 14 दिसंबर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय महाराजा यशवंत राव होलकर (एमवाय) अस्पताल में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए अस्पताल भवन का शिलान्यास किया। लगभग 773 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में 1450 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

अस्पताल परिसर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले मेडिकल कॉलेज खोलना आसान नहीं था, उस समय MCI का आतंक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनएमसी के गठन के बाद मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया सरल हुई, जिससे देश में स्वास्थ्य शिक्षा और सुविधाओं का विस्तार संभव हो पाया। अस्पतालों का कायाकल्प हुआ, नवाचार हुए। जिसके बाद न केवल मेडिकल कॉलेज की संख्या जबर्दस्त बढ़ी, पैरा मेडिकल, नर्सिंग कॉलेज भी बढ़े। मुख्यमंत्री यादव ने खुद के कार्यकाल में मेडिकल शिक्षा और चिकित्सा विभाग को एक करने का नवाचार करते हुए खुद की पीठ थपथपाई। उन्होने घोषणा करते हुए कहा कि मप्र में जल्द ही 13 नए मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर खुलने जा रहे हैं, जिसमें 4 का इसी महीने भूमि पूजन होने जा रहा है।

आपको बता दें कि MCI यानि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का काम मेडिकल शिक्षा और चिकित्सा की गुणवत्ता बनाए रखना, मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देना, नियंत्रण रखना था जिसे 2020 में मोदी सरकार ने भंग कर NMC यानि नेशनल मेडिकल काउंसिल रख दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर देश के लिए आदर्श शहर है और एमवाय अस्पताल मध्य भारत का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल है, जहां हर साल करीब 25 लाख मरीजों का इलाज किया जाता है। बढ़ती आबादी और मरीजों की संख्या को देखते हुए नए भवन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने हाल ही में एमवाय अस्पताल में सामने आए “चूहा कांड” का जिक्र करते हुए कहा कि हर इमारत की एक उम्र होती है। इस तरह की अव्यवस्थाओं से बचने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नए अस्पताल भवन का निर्माण जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में निःशुल्क किडनी ट्रांसप्लांट, बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा की सराहना की जिसका निजी अस्पतालों में लाखों का खर्च है । साथ ही, इंदौर संभाग के मरीजों की एमवाय अस्पताल पर निर्भरता और यहां निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे उपचार की ।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त कुल 1450 बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है।
प्रस्तावित भवन में—

मेडिसिन वार्ड में 330 बिस्तर

सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर

ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर

शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60 बिस्तर

शिशु रोग वार्ड में 100 बिस्तर

न्यूरो सर्जरी विभाग में 60 बिस्तर

नाक-कान-गला (ईएनटी) विभाग में 30 बिस्तर

दंत रोग विभाग में 20 बिस्तर

त्वचा रोग विभाग में 20 बिस्तर

मातृ एवं शिशु वार्ड में 100 बिस्तर

नेत्र रोग वार्ड में 80 बिस्तर

इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए 180 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

1450 बेड के नए अस्पताल भवन के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त—

550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड़ रुपए,

250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड़ रुपए,

सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए,

विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड़ रुपए,

तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं जलापूर्ति संबंधी कार्यों पर लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन विधायक गोलू शुक्ला ने दिया।
कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।