क्या यह सरकार विरोधी आंदोलन है या जवाबदेही आंदोलन?

भीड़ नहीं, मुद्दे महत्वपूर्ण

नई दिल्ली/इंदौर, 06 जून 2026

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर “कॉकरोच जनता पार्टी” और उससे जुड़े 10 की वर्ड्स ट्रेंड कर रहे हैं। सोशल मीडिया इंस्टा पर इस कॉकरोच पार्टी के 22 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स बताये जा रहे हैं और आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर इसके आह्वान पर प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी के मुख्य संयोजक अभिजीत दीपके अमेरिका से आज सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से पुलिस सुरक्षा में प्रदर्शन स्थल जंतर मंत्र पहुंचे।


इस प्रदर्शन को लेकर मीडिया में अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं। कुछ मुख्यधारा के मीडिया संस्थान इसे अपेक्षा से कम प्रभावशाली बता रहे हैं, जबकि कई स्वतंत्र यूट्यूब चैनल और डिजिटल क्रिएटर्स इसे जनभागीदारी के लिहाज से सफल आयोजन मान रहे हैं।


हालांकि, इस आंदोलन को केवल भीड़ के आकार से नहीं समझा जा सकता। प्रदर्शन में शामिल लोगों की मांगों और मुद्दों पर नजर डालें तो यह व्यवस्था और शासन से जवाबदेही (Accountability) की मांग का मंच बनता दिखाई देता है। प्रदर्शन स्थल पर विभिन्न आयु वर्ग के लोग मौजूद थे। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से प्रभावित छात्र, पर्यावरण कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन, मजदूर समूह तथा आम नागरिक शामिल थे।
किसी की चिंता महंगाई को लेकर थी, कोई पर्यावरण संरक्षण की मांग उठा रहा था, तो कई अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य और रोजगार के अवसरों को लेकर चिंतित दिखाई दिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों की विविधता यह संकेत देती है कि असंतोष किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है।


समर्थकों का मानना है कि बीते वर्षों में शासन और संस्थाओं की जवाबदेही कमजोर हुई है और यही कारण है कि नागरिक समाज के कुछ वर्ग अधिक सक्रिय होकर सरकार तथा सार्वजनिक संस्थाओं से जवाब मांगने की कोशिश कर रहे हैं। इस दृष्टि से कॉकरोच जनता पार्टी को एक राजनीतिक दल से अधिक एक जवाबदेही-केंद्रित नागरिक आंदोलन के रूप में भी देखा जा रहा है।


हालांकि, इस समूह की दीर्घकालिक रणनीति क्या होगी, क्या यह भविष्य में औपचारिक राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगा या केवल जनदबाव समूह (Pressure Group) बना रहेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि इसने उन लोगों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया है जो विभिन्न कारणों से व्यवस्था और नीतियों से असंतुष्ट हैं।


शाम 5 बजे आंदोलन समाप्ति पर कॉकरोच पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होने पर अगले शनिवार को फिर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन का आव्हान किया। साथ ही देश भर से आए लोगों को अपने अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन करने की बात भी दीपके ने कही। आपको बता दें सोनम वांगचुक ने भी आज जंतर मंतर पहुंच कर मूवमेंट को अपना समर्थन दिया।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।