– हाई कोर्ट ने राज्य शासन को दिया दो माह में निर्णय का निर्देश

इंदौर, 27 अगस्त 2025
इंदौर नगर निगम की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नगर निगम के तीन पार्षदों की सदस्यता पर संकट गहराने लगा है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि कांग्रेस से निर्वाचित होकर बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए इन पार्षदों की पात्रता पर दो माह के भीतर अंतिम निर्णय लिया जाए।

मामला क्या है?

वार्ड क्रमांक 17 से शिवम यादव, वार्ड क्रमांक 15 से ममता सुभाष सुनेर और वार्ड क्रमांक 23 से विनीता धर्मेंद्र मौर्य, वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित हुए थे। लेकिन चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद, तीनों ने भाजपा का दामन थाम लिया। दल-बदल का यह कार्यक्रम सार्वजनिक रूप से आयोजित हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी उपस्थित थे।

शिकायत और याचिका

दल-बदल से आहत होकर कांग्रेस पार्षद व महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष सोनिला मिमरोट ने 20 मई 2024 को राज्य शासन को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था। इसमें कहा गया कि मप्र नगर निगम अधिनियम, 1956 की धारा 17 (2) के अनुसार, तीनों पार्षद दल-बदल कर अयोग्य हो चुके हैं, अतः धारा 17 (3) के तहत उनकी सदस्यता समाप्त कर उन वार्डों में पुनः चुनाव कराए जाने चाहिए।

चूंकि राज्य शासन की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, मिमरोट ने अधिवक्ता जयेश गुरनानी के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की।

हाई कोर्ट का आदेश

26 अगस्त 2025 को सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा दायर अभ्यावेदन पर राज्य शासन दो माह में निर्णय ले। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाए।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जयेश गुरनानी ने पक्ष रखा, वहीं राज्य शासन की ओर से अधिवक्ता डॉ. अमित भाटिया ने दलीलें पेश कीं।

अगला कदम

अब निगाहें राज्य शासन पर हैं कि वह दो माह में क्या फैसला देता है। यदि पार्षद अयोग्य ठहराए जाते हैं तो तीन वार्डों में उपचुनाव होना तय है। वहीं, यदि वे अपने पद पर बने रहते हैं तो कांग्रेस को बड़ा झटका लगेगा।

यह मामला नगर निगम की राजनीति में दल-बदल के खिलाफ अहम मिसाल साबित हो सकता है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।