इंदौर, 22 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल की उपस्थिति में इंदौर विभाग के महाविद्यालयीन विद्यार्थियों का शाखा संगम कार्यक्रम रविवार को नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य संघ के शताब्दी वर्ष के परिप्रेक्ष्य में महाविद्यालयीन युवाओं को संगठन से जोड़ना, शाखा कार्य का विस्तार और समाज में संगठनात्मक एकता को मजबूत करना बताया गया।
अपने उद्बोधन में कृष्ण गोपाल ने कहा कि भारत का उद्भव अन्य देशों की तरह भाषा, नस्ल या संप्रदाय के आधार पर नहीं बल्कि आध्यात्मिक आधार पर हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान “अनेकता में एकता” की भावना से है और यहां सभी विचारों और मार्गों को स्वीकार करने की परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल में विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है और यहां विकसित शिक्षा व्यवस्था थी। भारत की पराधीनता के कारणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मगौरव के क्षरण के कारण देश गुलाम हुआ और इसे पुनर्स्थापित करना आवश्यक है।
कृष्ण गोपाल ने कहा कि समाज को संगठित करना और प्रत्येक व्यक्ति में सांस्कृतिक गौरव का भाव जागृत करना संघ का उद्देश्य है। उन्होंने शाखा को सामाजिक समरसता का माध्यम बताते हुए कहा कि शाखा में सभी समान होते हैं और समाज की समस्याओं का समाधान संगठनात्मक शक्ति में निहित है।
कार्यक्रम में उन्होंने “पंच परिवर्तन” के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया और कहा कि वैश्विक अशांति का कारण असहिष्णुता और उपभोगवादी प्रवृत्ति है, जबकि भारतीय संस्कृति सहअस्तित्व और संतोष का संदेश देती है।
आयोजन में बताया गया कि हाल के महीनों में विजयादशमी पथ संचलन, युवा संगम और शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं तक पहुंच बनाई गई है। इंदौर विभाग में 7 से 13 सितंबर के बीच 144 स्थानों पर शाखाएं आयोजित की गई थीं।
रविवार को आयोजित शाखा संगम में इंदौर विभाग की 87 शाखाओं के कुल 753 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिनकी आयु 18 से 25 वर्ष के बीच थी।
कार्यक्रम में इंदौर विभाग संघचालक डॉ. मुकेश मोढ सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
