अवैध रेत उत्खनन पर सरकार से सवालों की बौछार

भोपाल/इंदौर। कांग्रेस प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने मध्य प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने X पर पोस्ट कर कहा कि ग्वालियर-चंबल के साथ-साथ नर्मदापुरम संभाग भी अवैध खनन की चपेट में है।

मिश्रा ने भिंड-दतिया क्षेत्र की सांसद द्वारा लोकसभा में उठाए गए मुद्दे का हवाला देते हुए सवाल किया कि क्या यह राज्य सरकार पर अविश्वास नहीं दर्शाता। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या सरकार और प्रशासन ने “रेत माफियाओं” के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन में “प्रभावशाली लोगों” की कथित साझेदारी और करोड़ों की वसूली के चलते पूरा तंत्र पंगु हो गया है। मिश्रा ने नर्मदापुरम संभाग को सबसे अधिक प्रभावित बताते हुए कथित “सिंडिकेट” और उससे जुड़े लोगों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की।

साथ ही, उन्होंने नर्मदा नदी को “जीवित इकाई” का दर्जा दिए जाने वाले 2017 के संकल्प का जिक्र करते हुए पूछा कि इस पर अमल क्यों नहीं हुआ और अवैध खनन से नदी को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि कई जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को उठाते तो हैं, लेकिन जल्द ही चुप हो जाते हैं। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप गलत हैं तो सरकार को ठोस कार्रवाई कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।