नई दिल्ली : दिल्ली में 31 दिसंबर से 6 जनवरी के बीच 12 हत्याओं के दावे वाला NDTV इंडिया का एक ट्वीट अचानक डिलीट हो गया। पोस्ट हटते ही सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने सवाल खड़े कर दिए और मामला ट्रेंडिंग चर्चा में आ गया।

डिलीट किए गए ट्वीट में राजधानी के अलग-अलग इलाकों की आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए 12 हत्याओं का आंकड़ा सामने रखा गया था। ट्वीट वायरल होते ही कई लोगों ने डेटा की सटीकता, घटनाओं की अवधि और अलग-अलग मामलों को जोड़कर पेश करने के तरीके पर सवाल उठाए। इसी बहस के बीच कुछ ही समय बाद ट्वीट प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।

क्या है पूरा विवाद?

ट्वीट हटाए जाने को लेकर NDTV इंडिया की तरफ़ से फिलहाल कोई आधिकारिक सफ़ाई नहीं आई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर अटकलें तेज़ हैं—

क्या आंकड़ों में गलती थी?

क्या हेडलाइन को लेकर आपत्ति उठी?

या फिर एडिटोरियल स्तर पर पोस्ट हटाने का फैसला लिया गया?

यूज़र्स का रिएक्शन

ट्वीट डिलीट होते ही कई यूज़र्स ने उसके स्क्रीनशॉट शेयर किए और सवाल किया कि अगर खबर में खामी थी तो उसे सुधार के साथ अपडेट क्यों नहीं किया गया। कुछ यूज़र्स ने इसे डिजिटल मीडिया में बढ़ती आत्म-सेंसरशिप और दबाव से जोड़कर भी देखा।

फिलहाल, ट्वीट हटने की वजह साफ़ नहीं है, लेकिन इस घटनाक्रम ने डिजिटल मीडिया में खबरों की प्रस्तुति, डेटा की जिम्मेदारी और पारदर्शिता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

By Jitendra Singh Yadav

जितेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ पत्रकार | आरटीआई कार्यकर्ता | राजनीतिक विश्लेषक 20+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, UNI से जुड़े। Save Journalism Foundation व इंदौर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के संस्थापक। Indore Varta और NewsO2.com से जुड़े। निष्पक्ष पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित।