कपास-दलहन उत्पादन ठहरा, मखाना बोर्ड पर सवाल
नई दिल्ली, 19 मार्च (न्यूज़ओ2) नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर कृषि क्षेत्र में वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले वर्षों में की गई बड़ी घोषणाओं का जमीन पर कोई ठोस असर नहीं दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि संसद में कृषि मंत्रालय से पूछे गए सवालों के जवाब से स्पष्ट होता है कि कपास, दलहन और मखाना जैसे प्रमुख कृषि क्षेत्रों में न तो अपेक्षित वृद्धि हुई है और न ही पर्याप्त निवेश दिखाई देता है। गांधी के अनुसार, “कपास, दलहन और मखाना—तीनों की स्थिति एक जैसी है: न ग्रोथ, न निवेश और न कोई स्पष्ट विजन।”
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कपास का उत्पादन वर्ष 2020-21 में 35.2 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) था, जो 2024-25 में घटकर 29.7 MMT रह गया है। वहीं दलहन उत्पादन लगभग स्थिर बना हुआ है—2020-21 में 25.5 MMT से बढ़कर 2024-25 में केवल 25.7 MMT तक पहुंचा है।
गांधी ने कहा कि उत्पादन में ठहराव और गिरावट के कारण भारत को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे किसानों को विदेशी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है और आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
मखाना बोर्ड के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका आरोप है कि बड़े स्तर पर घोषित इस योजना के तहत वादा की गई राशि का केवल लगभग 5 प्रतिशत, यानी करीब 27 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं, जबकि अब तक बोर्ड का स्थान भी तय नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि लगातार ऐसी स्थिति से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि सरकार की योजनाएं और बजट किसानों के हित में नहीं, बल्कि केवल दिखावे तक सीमित हैं।
