इंदौर दूषित जल त्रासदी पर उमा भारती का तीखा हमला, महापौर की ‘लाचारी’ पर उठाए सवाल

इंदौर, 02 जनवरी 2025: देश की सबसे स्वच्छ नगरी कहलाने वाले इंदौर में दूषित पानी से सरकारी आंकड़ों में दर्ज 8 मौतों और सैकड़ों नागरिकों के बीमार होने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस गंभीर त्रासदी को लेकर जहां सोशल मीडिया पर मंत्री और महापौर जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के गैर-जिम्मेदार बयानों की जमकर आलोचना हो रही है, वहीं अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भी खुलकर सामने आ गई हैं।

उमा भारती ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक के बाद एक तीन पोस्ट कर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, शासन और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे मामले को प्रदेश, सरकार और व्यवस्था के लिए “शर्म और कलंक” करार दिया है।

पोस्ट 1: “यह प्रदेश और व्यवस्था पर कलंक”

उमा भारती ने अपने पहले पोस्ट में लिखा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई मौतों ने पूरे प्रदेश और सरकार को शर्मिंदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिस शहर को सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड मिला, वहां इतना ज़हरीला और गंदा पानी लोगों की जान निगल रहा है और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने मुआवजे की राशि पर भी सवाल उठाते हुए लिखा कि “जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती”, क्योंकि मृतकों के परिजन जीवन भर दुख में डूबे रहते हैं। उमा भारती ने इसे “महापाप” बताते हुए प्रायश्चित, पीड़ितों से माफी और दोषियों को अधिकतम दंड देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री मोहन यादव की “परीक्षा की घड़ी” है।

पोस्ट 2: “जब आपकी नहीं चली, तो पद पर क्यों बैठे रहे?”

दूसरे पोस्ट में उमा भारती ने सीधे महापौर के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें कहा गया था कि “हमारी चली नहीं।” उन्होंने सवाल किया कि अगर आपकी नहीं चली, तो आप पद पर बैठे रहकर बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता, या तो प्रायश्चित होता है या फिर दंड।

पोस्ट 3: “सिर्फ मेयर नहीं, पूरा शासन-प्रशासन जिम्मेदार”

तीसरे पोस्ट में उमा भारती ने कहा कि इस महापाप के लिए सिर्फ इंदौर के मेयर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश का पूरा शासन और प्रशासन जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।

उमा भारती के इन बयानों के बाद इंदौर दूषित जल कांड पर सियासत और तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार और नगर निगम को कठघरे में खड़ा कर रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी उठी यह आवाज सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस त्रासदी पर क्या ठोस कार्रवाई करती है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।