इंदौर, 16 दिसंबर 2025: व्यापम घोटाले से जुड़े पटवारी भर्ती परीक्षा–2008 के एक अहम मामले में सीबीआई की विशेष अदालत, इंदौर ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने प्रतिरूपण (इम्परसनेशन) और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी के आरोप में सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 5 वर्ष के कठोर कारावास (RI) तथा ₹3,000/- अर्थदंड से दंडित किया है।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में रामेश्वर, राकेश, देवेंद्र, चेतन, बलराम, हरपाल, गोपाल, जितेंद्र, दिनेश और दिग्विजय सिंह सोलंकी शामिल हैं।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला व्यापम द्वारा आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा–2008 में फर्जी तरीके से चयन प्राप्त करने से संबंधित है। आरोपियों पर आरोप था कि उन्होंने कूटरचित प्रमाण-पत्रों और दस्तावेजों का उपयोग कर स्वयं को वास्तविक अभ्यर्थी बताकर परीक्षा में भाग लिया और चयन हासिल किया।
इस संबंध में एफआईआर क्रमांक 557/2012, दिनांक 26 अक्टूबर 2012, थाना कोतवाली, जिला खरगोन में दर्ज की गई थी। जांच के बाद खरगोन पुलिस ने आरोप पत्र क्रमांक 221/14, दिनांक 28 मई 2014 को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया था। बाद में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया।
