न्यायवाणी-2025 : इंदौर में 26 जुलाई को कार्यशाला
सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के न्यायाधीश और प्रदेशभर के एक हजार से अधिक वकील होंगे शामिल
इंदौर, 24 जुलाई: अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय इंदौर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में 26 जुलाई को “न्यायदान में प्रौद्योगिकी और फॉरेंसिक विज्ञान का उपयोग” विषयक एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन इंदौर के रविंद्र नाट्यगृह में किया जाएगा।
यह कार्यशाला “न्यायवाणी-2025” शीर्षक से आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेशभर से एक हजार से अधिक अधिवक्ताओं की सहभागिता होगी।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी और सतीश चंद्र शर्मा, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा, इंदौर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधीश विवेक रूसिया, ग्वालियर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक तथा अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहेंगे।
विधि विशेषज्ञों में म.प्र. शासन के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय भोपाल के विशेष कर्तव्य अधिकारी और म.प्र. राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला के पूर्व निदेशक डॉ. हर्ष शर्मा, अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय मंत्री विक्रम दुबे, परिषद के मालवा प्रांत अध्यक्ष उमेश यादव और परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व न्यायाधीश आई.एस. श्रीवास्तव कार्यशाला में वक्ता होंगे।
अधिवक्ता परिषद, उच्च न्यायालय, इंदौर इकाई के अध्यक्ष सुनील जैन और महामंत्री प्रसन्ना भटनागर ने बताया कि यह कार्यशाला अधिवक्ताओं को विधिक प्रक्रिया में तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्य की भूमिका पर जानकारी देगी, जिससे न्याय प्रणाली अधिक प्रभावी बन सकेगी।
मालवा प्रांत के 16 जिलों में आयोजित प्रवास कार्यक्रमों के माध्यम से अधिवक्ताओं व न्यायिक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यशाला में फॉरेंसिक विषयों पर आमंत्रित शोध-पत्रों में से श्रेष्ठ चयनित प्रतिभागियों को मंच से सम्मानित किया जाएगा। कार्यशाला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विभिन्न सत्रों में आयोजित होगी। आयोजन को विधिक जगत के लिए ज्ञानवर्धक, विचारोत्तेजक और भविष्य उन्मुख बताया जा रहा है।
