दिगम्बर मुनि श्री की लीफ आर्ट – साधना और सृजन का अद्भुत संगम
इंदौर। आचार्य श्री 108 विभव सागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 शुद्धात्म सागर महाराज ने साधना और सृजन का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हुए ‘लीफ आर्ट’ के माध्यम से एक नई आध्यात्मिक दिशा दिखाई है। यह कला केवल सौंदर्य का नहीं, बल्कि आत्मा की गहराइयों से निकली साधना का सजीव रूप है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मुनि श्री द्वारा विभिन्न पत्तों पर उकेरी गई यह रचनाएँ हमें यह संदेश देती हैं कि – साधन चाहे सीमित हों, साधना सदैव अनंत हो सकती है। मुनि श्री का कहना है कि प्रकृति के एक साधारण पत्ते में भी अनूठा सौंदर्य छिपा है, आवश्यकता है तो केवल शुद्ध दृष्टि और रचनात्मक हृदय की।
श्रमण मुनि पूज्य सागर ने भी इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया तो उन्होंने इसे ध्यान और साधना का जीवंत प्रतीक बताया। यह लीफ आर्ट हर दर्शक को न केवल आकर्षित करती है, बल्कि प्रेरणा भी देती है कि कला तभी महान है जब उसमें अध्यात्म की सुगंध हो।
यह प्रदर्शनी 5 सितंबर 2025 तक हाई लिक सिटी में जारी रहेगी। दिगम्बर जैन समाज हाई लिक सिटी के अध्यक्ष संजय बरखा बड़जात्या एवं सचिव दिलीप अनीता जैन ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक मुनि श्री की दिव्य देशना एवं धर्मसभा का आयोजन भी होगा।
