आर्किटेक्ट टीम करेगी लेआउट और सुविधाओं का पुनर्गठन, नई तकनीक भी होगी शामिल

इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजात शिशुओं की मौत के बाद मामला तूल पकड़ चुका है। इस पर कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बड़ा कदम उठाया है।

डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने जानकारी दी कि अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल का जिम्मा संभाल रही एजाइल कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया गया है। अब अस्पताल सुधार की व्यापक प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके तहत चूहों को स्थायी रूप से खत्म करने और अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त करने के नए प्रावधान किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सुधार योजना में अतिरिक्त इलेक्ट्रिक वर्क, सफाई व्यवस्था, मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य शामिल होंगे। इसके साथ ही आर्किटेक्ट की विशेष टीम अस्पताल में कई अहम बदलाव करेगी। इसमें—

  1. स्पेस प्लानिंग: जगह का कुशल उपयोग।
  2. फ्लो और लेआउट: मरीजों के आवागमन और उपचार प्रक्रिया में सुधार।
  3. संक्रमण नियंत्रण: संक्रमण रोकने के लिए विशेष उपाय।
  4. सुविधाओं का उन्नयन: मरीजों और परिजनों के आराम और सुविधा में वृद्धि।
  5. प्रौद्योगिकी एकीकरण: नवीनतम तकनीक का उपयोग।
  6. सुरक्षा और सुरक्षा उपाय: सुरक्षा मानकों को मजबूत करना।

डॉ. घनघोरिया ने कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित वातावरण में बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और अस्पताल के संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।