भोपाल,
मध्य प्रदेश शासन ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन, परीक्षण और प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार द्वारा सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए।
जारी आदेश के अनुसार, समिति की अध्यक्षता रंजना प्रसाद देसाई करेंगी, जो सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हैं। समिति में भाप्रसे के सेवानिवृत्त अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह को सदस्य नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया समिति के सचिव होंगे।
समिति राज्य में प्रचलित विभिन्न वैयक्तिक और पारिवारिक विधियों का व्यापक अध्ययन करेगी। इसके अंतर्गत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन संबंधों से जुड़े प्रावधान शामिल होंगे। साथ ही अन्य राज्यों, विशेषकर उत्तराखंड और गुजरात में लागू मॉडलों का भी परीक्षण किया जाएगा।
समिति राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित, व्यवहारिक और विधिक ढांचा तैयार करेगी। इसके अलावा संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श कर सुझाव भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
समिति अपने अध्ययन और परीक्षण के आधार पर एक प्रारूप विधेयक (ड्राफ्ट बिल) और विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर 60 दिनों के भीतर राज्य शासन को सौंपेगी।
