इंदौर, 04 मई 2026 : बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए इंदौर संभाग में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े के निर्देश पर सभी जिलों के जिला एवं सिविल अस्पतालों में हीट स्ट्रोक क्लीनिक प्रारंभ कर दिए गए हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हीट स्ट्रोक एवं लू से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं। साथ ही आवश्यक दवाइयों, ओआरएस, कूलर और पंखों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
बुरहानपुर जिले में जिला अस्पताल सहित शाहपुर, खकनार, नेपानगर और लालबाग स्थित स्वास्थ्य केन्द्रों में हीट स्ट्रोक क्लीनिक शुरू किए गए हैं। यहां ओआरएस कॉर्नर और विशेष बेड की व्यवस्था के साथ 108 एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।
आलीराजपुर में जिला अस्पताल के प्रत्येक वार्ड में दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जा रहा है। झाबुआ जिले के जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। वहीं खंडवा जिले में जिला अस्पताल सहित सभी सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अतिरिक्त बेड और दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
धार, बड़वानी, खरगोन और इंदौर जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। नागरिकों को गर्मी से बचाव और समय पर उपचार के लिए जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि अत्यधिक गर्मी के कारण सनबर्न, हीट क्रैम्प, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, कमजोरी, त्वचा का गर्म व शुष्क होना और बेहोशी शामिल हैं।
इस तरह करें बचाव
विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, लस्सी, ओआरएस और नींबू पानी का सेवन करने, दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने तथा हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही लक्षण दिखने पर मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने और आवश्यकता होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करने की अपील की गई है।
