स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशसन ने की कार्रवाई

इंदौर, 23 जनवरी 2026 : इंदौर में लोगों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर एक निजी अस्पताल पर कार्रवाई की है, जहां बिना पंजीकरण वाले डॉक्टर सोनोग्राफी कर रहे थे। इस मामले में अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया गया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि यह मामला विजय नगर स्थित सीएचएल 114 चेरिटेबल ट्रस्ट का है। अस्पताल की सोनोग्राफी मशीन पीसीपीएनडीटी कानून के तहत पंजीकृत थी, लेकिन जांच में पाया गया कि वहां करीब 10 ऐसे डॉक्टर काम कर रहे थे, जिनका सोनोग्राफी करने का पंजीकरण नहीं था

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और गड़बड़ी मिलने पर संबंधित डॉक्टरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया। पूरी जानकारी कलेक्टर को दी गई, जिसके बाद तहसीलदार प्रीति भिसे और पीसीपीएनडीटी टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमों के अनुसार सोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया और पंचनामा बनाया। प्रशासन ने साफ कहा है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।