प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को भेजा गया रिप्रेजेंटेशन, राष्ट्रव्यापी रोक की मांग
इंदौर, 23 जनवरी 2026 : इंदौर सहित देश के कई शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नालों, सीवेज लाइनों और अनुपचारित अपशिष्ट जल के आसपास उगाई जा रही सब्जियाँ अब एक गंभीर जन-स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी हैं। ऐसी सब्जियाँ बिना किसी उत्पादन-स्रोत की जानकारी के मंडियों, फुटकर बाजारों और ठेलों के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुँच रही हैं। इस गंभीर विषय को लेकर हाई कोर्ट अधिवक्ता एवं विधिक शोधकर्ता डॉ. पंकज वाधवानी ने प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को रिप्रेजेंटेशन प्रेषित कर तत्काल राष्ट्रीय स्तर पर सख्त गाइडलाइन जारी करने की मांग की है।
रिप्रेजेंटेशन में उल्लेख किया गया है कि नाले और सीवेज के पानी में भारी धातुएँ, विषैले रसायन और रोगजनक जीवाणु पाए जाते हैं, जो मिट्टी के माध्यम से सब्जियों में प्रवेश कर जाते हैं। मेडिकल विज्ञान के अनुसार ऐसी सब्जियों के निरंतर सेवन से कैंसर, किडनी एवं लीवर संबंधी रोग, बच्चों के मानसिक-शारीरिक विकास में बाधा और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उपभोक्ता के लिए स्रोत जानना लगभग असंभव
डॉ. वाधवानी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में उपभोक्ता के लिए यह जानना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है कि खरीदी गई सब्जियाँ कहाँ उगाई गई हैं। अधिकांश सब्जियाँ बिना लेबल के बिकती हैं, विक्रेता भी उनके वास्तविक स्रोत से अनभिज्ञ होते हैं और आम नागरिक के पास न तो जांच के साधन होते हैं और न ही वैधानिक अधिकार। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब उपभोक्ता के लिए सब्जी का स्रोत जानना संभव नहीं है, तब राज्य का दायित्व बनता है कि वह असुरक्षित स्रोत से उत्पन्न सब्जियों को बाजार तक पहुँचने से रोके। यह विषय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार से जुड़ा है।
डॉ. पंकज वाधवानी ने केंद्र सरकार से कई ठोस और व्यावहारिक कदम उठाने की मांग की है, जिनमें—
नालों, सीवेज लाइनों एवं अनुपचारित अपशिष्ट जल के आसपास के क्षेत्रों को “असुरक्षित सब्जी-उत्पादन क्षेत्र” घोषित किया जाना
ऐसे क्षेत्रों में उत्पन्न सब्जियों के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध
मंडी-प्रवेश आधारित नियंत्रण प्रणाली, जिसके तहत बिना उत्पादन-स्रोत प्रमाण पत्र के सब्जियों को मंडी में प्रवेश न मिले
सब्जी विक्रेताओं के लाइसेंस में केवल सुरक्षित स्रोत से सब्जी बेचने की शर्त जोड़ना और उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन व दंड
खाद्य सुरक्षा कानून में स्पष्ट प्रावधान जोड़कर नाले/सीवेज से उगाई गई सब्जियों के उत्पादन व विक्रय को दंडनीय अपराध घोषित करना
जन-स्वास्थ्य और संवैधानिक जिम्मेदारी का मुद्दा
रिप्रेजेंटेशन में कहा गया है कि यह विषय केवल कृषि या व्यापार से संबंधित नहीं है, बल्कि यह जन-स्वास्थ्य, जीवन के अधिकार और राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी से सीधे जुड़ा हुआ है। डॉ. वाधवानी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि इस गंभीर समस्या पर शीघ्र नीति-निर्णय लेते हुए राष्ट्रव्यापी दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ, ताकि असुरक्षित सब्जियों पर प्रभावी रोक लग सके और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
