खबर का असर: छात्रों की जीत, चोइथराम स्कूल ने एमपी बोर्ड छात्रों को दी राहत

इंदौर, 5 जून 2026। चोइथराम फाउंटेन हायर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन ने आखिरकार 10वीं और 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें एक वर्ष तक एमपी बोर्ड से ही पढ़ाई और परीक्षा देने की अनुमति दे दी है। स्कूल के इस निर्णय से विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी की लहर है।

गौरतलब है कि तलावली स्थित दशकों पुराने चोइथराम फाउंटेन हायर सेकेंडरी स्कूल ने इस वर्ष एमपी बोर्ड का डायस कोड सरेंडर कर सीबीएसई बोर्ड की संबद्धता ले ली थी। इसके बाद स्कूल में अध्ययनरत सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया था। विशेष रूप से 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को बीच सत्र में बोर्ड परिवर्तन की स्थिति का सामना करना पड़ रहा था।

मामले को लेकर मंगलवार को छात्र कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे थे और जिला शिक्षा अधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की थी। इस मुद्दे को न्यूज़ ओ2 डॉट कॉम तथा हमारे यूट्यूब चैनल Indore Varta ने प्रमुखता से उठाया था। जिला शिक्षा अधिकारी ने भी 24 घंटे में समाधान निकालने के निर्देश दिए थे।

हालांकि तीन दिन बाद शुक्रवार 05 जून 2026 को स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों को स्कूल बुलाकर घोषणा की कि वर्ष 2026-27 में 10वीं और 12वीं के छात्र इसी स्कूल से एमपी बोर्ड के तहत अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे और एमपी बोर्ड की परीक्षाएं भी यहीं से देंगे। इसके लिए परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। छात्रों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने को कहा गया है।

नवनियुक्त स्कूल प्राचार्य चंद्रकांत शर्मा ने न्यूज़ ओ2 प्रतिनिधि को दूरभाष पर पुष्टि करते हुए बताया कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक वर्ष का विशेष एक्सटेंशन दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में 10वीं और 12वीं के छात्र एमपी बोर्ड से ही अध्ययन एवं परीक्षा देंगे, जबकि अगले शैक्षणिक सत्र से इन कक्षाओं का संचालन भी सीबीएसई बोर्ड के अंतर्गत होगा। वहीं अन्य सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई इस वर्ष से सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएगी।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।