देवास नाका स्थित सर्विस सेंटर में कार्यरत 13 वर्षीय बालक को श्रम विभाग ने मुक्त कराया, नियोजक के खिलाफ कार्रवाई

इंदौर, 18 जुलाई 2025

बाल श्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए श्रम विभाग की टीम ने इंदौर के देवास नाका क्षेत्र में स्थित एक सर्विस सेंटर से 13 वर्षीय बालक को श्रम से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, “माँ भगवती सर्विस पाइंट”, न्यू लोहा मंडी, बजरंग नगर में एक नाबालिग बालक से कार्य कराया जा रहा था। शिकायत की पुष्टि होने के बाद श्रम विभाग की टीम ने नियोजक अंकित पिता नैन सिंह राठौर के खिलाफ कार्रवाई की और बाल श्रमिक को तत्काल विमुक्त कराया।

🔹 कार्रवाई में शामिल अधिकारी —

  • रविन्द्र सिंह ठाकुर
  • छोटेलाल साहु
  • सुश्री तृप्ति डावर
  • महिला एवं बाल विकास विभाग से आशीष गोस्वामी, राजकुमार खंडेलवाल एवं श्रीमती सुषमा पाराशर

प्रशासन ने बाल श्रम के खिलाफ सतर्कता बनाए रखने का संदेश दिया है और आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी भी स्थान पर बाल श्रमिक कार्यरत दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।

यह कार्रवाई बालकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।