इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई: आँखों देखी !
इंदौर, 01 जुलाई 2025 । मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में फिर बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सेटेलाइट कॉलोनी, अग्रवाल पब्लिक स्कूल, ग्राम कुमगारा (देपालपुर), परदेसीपुरा और राप्ती परिसर रंगवासा से लोग यहां पहुंचे। अधिकतर मामले प्लॉट, मकान पर कब्जा, आर्थिक मदद, पारिवारिक विवाद के थे। सभी ने सालों से लटके मामलों को लेकर नाराजगी जताई और अधिकारियों से जल्द राहत की मांग की।
12 साल से कॉलोनी विवाद, तीन कलेक्टर बदल गए
सेटेलाइट कॉलोनी के रहवासी बाबू कुशवाह ने बताया कि वे और अन्य रहवासी 12 साल से प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इस दौरान तीन कलेक्टर बदल चुके हैं लेकिन कॉलोनी का मामला जस का तस है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलोनी सेल में जो प्लॉट शासन के पास बंधक थे, उन्हें कोलोनाइजर ने फर्जी तरीके से बेच दिया। अरुण डगरिया कोलोनाइजर पर पहले ही 13 एफआईआर दर्ज हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही। रहवासियों ने मांग की कि मकान बनाने की अनुमति दी जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। कुशवाह ने दावा किया कि अपर कलेक्टर ने उन्हें कोर्ट जाने का कहा है लेकिन आवेदक का तर्क है कि जब प्रशासन के दरबार में आए हैं तो राहत प्रशासन दे, कोर्ट क्यों जाएँ ?
स्कूल ने टीसी देने से किया इनकार, अभिभावक भड़के
अग्रवाल पब्लिक स्कूल के दो दर्जन से अधिक अभिभावक भी अपने बच्चों की टीसी न मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे। अभिभावक पवन चौकसे ने बताया कि स्कूल प्रबंधन दसवीं कक्षा के परिणाम के बाद भी टीसी नहीं दे रहा। स्कूल की तिमाही फीस भरने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि बच्चे रिजल्ट के बाद स्कूल ही नहीं गए। अभिभावकों ने कहा कि वे पहले ही स्कूल से निकालने की जानकारी दे चुके थे, लेकिन अब प्रबंधन मनमानी कर रहा है।
मां की जमीन पर कब्जा, सीनियर सिटीजन को घंटों बैठाया
मीरु तोमर ने बताया कि उनकी वृद्ध मां की जमीन पर पड़ोस की एक महिला ने कब्जा कर लिया। जमीन के कागज उनके नाम हैं फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही। मीरु ने कहा, “हम तीनों बहनों की शादी हो चुकी है, मां अकेली रहती है, जिसका फायदा उठाकर महिला ने कब्जा किया। एसडीएम ने भी मेरी मां को सुबह से शाम तक दफ्तर में बैठाए रखा पर कोई राहत नहीं दी।”
पार्षद ने दी धमकी
वार्ड 23 जोन 5 परदेसीपुरा निवासी लखन निगम ने बताया कि गणेश नगर में नर्मदा पाइपलाइन गलत तरीके से डाली जा रही थी। इंजीनियर से शिकायत करने पर उन्होंने पार्षद से बात करने को कहा। जब पार्षद धर्मेंद्र मौर्य से संपर्क किया तो उन्होंने अभद्र अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। आरोप तो जान से मारने की धमकी का भी है। लखन ने कहा कि डर के मारे चार दिन से घर भी नहीं गए। कलेक्टर ने कहा, “देखते हैं, जांच कराएंगे। इस तरह गाली देना ठीक नहीं।”
देपालपुर में नाले पर अतिक्रमण, बारिश में बाढ़ का खतरा
देपालपुर तहसील के ग्राम कुमगारा (भागाखेड़ा) के ग्रामीणों ने गांव के रास्ते में पुराने नाले पर अतिक्रमण की शिकायत की। इसके पहले भी कई दफा ये लोग कलेक्टर की जनसुनवाई में आ चुके हैं। इससे खेतों और घरों का पानी निकलना बंद हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि पोकलेन मशीन आई थी पर कुछ देर बाद काम बंद हो गया। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन भेजने के निर्देश दिए। जिस पर ग्रामीणों के कलेक्टर से कहा कि अपर कलेक्टर के पास कई बार जा चुके हैं लेकिन कोई राहत नहीं मिली है। जिसके बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने एक बार उन्हें आश्वस्त किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो गांव में झगड़े और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही नोटिस से परेशान
सुदामा नगर से हटाकर रंगवासा राप्ती परिसर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन गरीबों को घर दिए गए थे, उन्हें अब किश्त भरने के लिए नोटिस थमाए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। भीड़ को देख गेट बंद कर दिए गए और कुछ प्रतिनिधियों को ही कलेक्टर से मिलने भेजा गया।
