इंदौर | 5 सितंबर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का एक भाषण सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पुत्र संघमित्र भार्गव ने विपक्ष की ओर से रेलवे विषय पर सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। भाषण इतना धारदार था कि सभागार तालियों से गूंज उठा और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले संघमित्र की तारीफ की, लेकिन फिर महापौर पर तंज कसते हुए कहा—“चोर की दाढ़ी में तिनका।” इसके बाद माहौल और गरमा गया। कांग्रेस नेताओं ने भी वीडियो शेयर कर संघमित्र की प्रशंसा शुरू कर दी। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उनकी शैली को प्रभावशाली बताया और कहा—“प्रतियोगिता में प्रभावशाली भाषण की तारीफ करना राजनीति है क्या?” वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लिखा—“बच्चे मन के सच्चे।”
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई दी—“बच्चे ने अपनी समझ से बोला, इसमें राजनीति तलाशना गलत है।” आयोजक और भाजपा विधायक मनोज पटेल के पुत्र निरल पटेल ने भी कहा कि भाषण पूरी तरह स्वतंत्र था और इसे विवाद बनाना बच्चों की प्रतिभा को दबाने जैसा है।
मामले ने तूल पकड़ते ही भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुट गई और कांग्रेस इसे सियासी हथियार बना रही है। सवाल उठ रहा है कि यह महज एक प्रतियोगिता थी या भाजपा के भीतर असहजता की बानगी।
