इंदौर में विकास, शिक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन सक्रिय
तीनों क्षेत्रों में नवाचार और निगरानी पर ज़ोर
ग्राम पंचायतों का निरीक्षण, कचरा प्रबंधन पर फोकस
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिद्धार्थ जैन ने विकासखंड सांवेर की विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। उन्होंने कदवाली बुजुर्ग की आंगनवाड़ी में बच्चों को मिलने वाली पोषण सामग्री, सुविधाएं और टेक होम राशन की स्थिति जानी। मांगलिया में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे एमआरएफ सेंटर की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट निपटान की केंद्रीकृत व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। जैन ने सरपंचों और अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के निराकरण हेतु अतिरिक्त शासकीय भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए।
इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था को वैज्ञानिक रूप देने की तैयारी
कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अनेक निर्णय लिए गए। इंदौर के 39 चौराहों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का निर्णय लिया गया है। नए तकनीकी ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे जिनमें सौर ऊर्जा व बैटरी बैकअप की सुविधा होगी। सिग्नल की टाइमिंग अब ट्रैफिक दबाव के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर तय की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। 10 से अधिक बार नियम तोड़ने वाले 29 वाहनों के पंजीयन निरस्त कर जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में 5 उल्लंघन पर भी पंजीयन निरस्त किया जा सकेगा। ई-चालान वसूली अब प्रमुख चौराहों पर होगी, जिसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो-तीन स्थानों से की जाएगी।
राजबाड़ा क्षेत्र में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अवैध बस स्टैंडों पर 7 दिन के भीतर कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति बनाए गए स्पीड ब्रेकर पर इंजीनियरों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। साथ ही नगर निगम व स्मार्ट सिटी एजेंसियों को यातायात तकनीक में विशेषज्ञता बढ़ाने और ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में इंडक्शन कार्यक्रम सम्पन्न
शासकीय महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, इंदौर में 21 से 26 जुलाई तक चले इंडक्शन कार्यक्रम में नवप्रवेशित छात्राओं को तकनीकी शिक्षा प्रणाली, पाठ्यक्रम, छात्रवृत्तियों, और परीक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सामाजिक कौशल, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। छात्राओं को डिप्लोमा के पश्चात मिलने वाले करियर विकल्पों की जानकारी भी दी गई।
