इंदौर, 29 मई 2026
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई मौतों और शहर में लगातार बढ़ते जल संकट को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 29 मई को इंदौर प्रेस क्लब में महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए गंभीर सवाल उठाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी द्वारा दावा किया गया कि भागीरथपुरा दूषित जल त्रासदी के बाद इंदौर शहर की 7 विधानसभा क्षेत्रों के 29 वार्डों से पानी के सैंपल एकत्रित कर उनकी जांच दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त (NABL – National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) में करवाई गई। प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जांच में करीब 98 प्रतिशत पानी के सैंपल फेल पाए गए, जो पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। पटवारी ने मध्य प्रदेश एम भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार को घेरते हुए कहा कि अभी कांग्रेस ने यह पानी ऑडिट करवाया है अब मप्र शासन वॉटर ऑडिट करवाए और दूषित पानी की समस्या का समाधान करे।
पत्रकारवार्ता में दावा करते हुए बताया गया कि पानी के नमूनों की जांच में ई-कोलाई, कोलीफॉर्म बैक्टीरिया सहित क्लोराइड, सल्फेट और अन्य हानिकारक तत्व निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में पाए गए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दूषित जल सप्लाई के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और शासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, विपिन वानखेड़े, अमित चौरसिया और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। नेताओं ने प्रदेश सरकार और नगर निगम से शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग करते हुए जल संकट को जनहित का गंभीर मुद्दा बताया।
