सात जोनों में हो चुकी है अब तक रिव्यू मीटिंग, 6 हैं बाकी, जल्द ही सभी ज़ोन कवर करेंगे डीजीपी

इंदौर, 29 जून 2025। मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना DGP ने इंदौर में पुलिस की रिव्यू मीटिंग ली। इस दौरान उन्होने रविवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सवालों के जवाब दिये। उन्होने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान सिंहस्थ के ट्रैफिक प्लान से लेकर पुलिस थानों में भ्रष्टाचार, फीडबैक सिस्टम और प्रशासनिक कसावट जैसे विषयों पर सवाल-जवाब हुए।

डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस बल और संसाधनों की कमी की बात को स्वीकारते हुए कहा कि “आपकी बात सही है। पूरे प्रदेश में करीब 25 हजार के स्वीकृत बल के मुकाबले हमारी संख्या कम है। हाल ही में 6,500 जवान जॉइन कर रहे हैं, फिर भी करीब 18-19 हजार की कमी बनी रहेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने 7500 कांस्टेबल और 500-500 सब इंस्पेक्टर व सूबेदार के पद शासन से स्वीकृत कराए हैं। कुल 8500 पदों की स्वीकृति हमें हाल ही में मिली है। कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का अनुरोध कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि “हम फेज़ वाइज भर्ती कर रहे हैं ताकि एक साथ प्रमोशन की समस्या बाद में न आए।”

डीजीपी मकवाना ने अपने दौरे के उद्देश्य पर कहा कि उन्होंने जॉइन करते ही तय किया था कि ज़ोन स्तर पर जाकर फील्ड अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इसी क्रम में उन्होंने जबलपुर, बालाघाट, भोपाल कमिश्नरेट, भोपाल ग्रामीण, उज्जैन के बाद आज इंदौर ज़ोन की बैठक की।

उन्होंने बताया कि “ये बैठकें सिर्फ रिव्यू नहीं बल्कि इंटरैक्टिव सेशन भी हैं। इसमें फील्ड अधिकारियों से ग्राउंड लेवल की समस्याएं सुन रहे हैं ताकि पुलिसिंग को और बेहतर बनाया जा सके। हर ज़िले से एक-एक एसडीओपी को भी बुलाया गया है। हमारे डीएसपी रैंक के अधिकारी जो पुलिस स्टेशन के पहले प्राइमरी ऑफिसर हैं, उनसे भी चर्चा हुई। प्रयास है कि जल्द ही सभी ज़ोन कवर कर लें और पुलिस की चुनौतियों को समझकर समाधान निकालें।”

प्रमोशन को लेकर मंथन जारी, डीएसपी को जिला प्रभार देने पर कोई प्रस्ताव नहीं :

डीजीपी मकवाना से सवाल किया गया कि 27 साल बाद भी डीएसपी की सीधी भर्ती वाले लोग आईपीएस नहीं बन पाए। करीब 50 अधिकारी रिटायर हो जाएंगे। क्या असम, तेलंगाना, पंजाब की तरह सीनियर एडीएसपी को जिलों का प्रभार देने का कोई प्रस्ताव है?”

इस पर डीजीपी मकवाना ने कहा, “नहीं, अभी ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है कि सीनियर एडीएसपी को जिले का प्रभार दिया जाए। लेकिन मैं आपकी इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि समय पर प्रमोशन होना बेहद जरूरी है। कुछ कैडर मिसमैनेज हुए हैं क्योंकि डीएसपी के बड़े बैच एक साथ आए, जिसकी वजह से प्रमोशन में दिक्कतें आई हैं। इस पर मंथन चल रहा है। हम सर्विस प्रोग्रेशन की समीक्षा कर रहे हैं ताकि प्रमोशन जल्द से जल्द हो सके।”

समाचार अपडेट हो रहा है..

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।