बालाघाट-मंडला पर खास फोकस, स्पेशल हॉक फोर्स को बढ़ाया
इंदौर, 29 जून 2025 : मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना आज इंदौर में पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उनसे नक्सल ऑपरेशन को लेकर भी सवाल पूछा गया।
डीजीपी मकवाना ने विस्तृत जवाब देते हुए बताया कि नक्सलवाद आज भी देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती है। “प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के स्तर से इसे खत्म करने के लिए लगातार पुश मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में कई बड़ी कार्रवाइयाँ हुई हैं। मध्यप्रदेश में नक्सल समस्या सीमित है, जो मुख्य रूप से बालाघाट और कुछ हद तक मंडला जिले तक सिमटी हुई है।”
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हर महीने इस विषय पर बैठक होती है। “हमारी स्पेशल हॉक फोर्स की स्ट्रेंथ बढ़ाई गई है। 325 नए पद स्वीकृत हुए हैं, वहीं 850 विशेष सहयोगी दस्ता स्थानीय आदिवासियों को भर्ती कर बनाया गया है, जिनसे हमें जमीनी स्तर की अहम सूचनाएँ मिल रही हैं। गृह जिले में पोस्टिंग नहीं होती थी, पर हमने उसमें भी छूट दिलाई है ताकि स्थानीय इनपुट और मजबूत हो। एक इंटेलिजेंस पोर्टल भी बनाया गया है जहाँ सभी सूचनाओं का विश्लेषण कर ऑपरेशन प्लान किए जाते हैं।”
डीजीपी मकवाना ने बताया कि “पिछले 6 महीनों में 10 नक्सली मार गिराए गए हैं, जो मध्यप्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मौजूदा समय में एमपी में करीब 40-45 नक्सली सक्रिय हैं। ऐसे में 10 नक्सलियों को खत्म करना एक अहम उपलब्धि है। हम इस सफाए की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। बारिश के मौसम में भी ऑपरेशन नक्सल जारी रहेगा।”
