डीजीपी मकवाना ने कहा- सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन के मुताबिक एफआईआर अपलोड हो रही
जनसुनवाई में मिल रहीं थीं शिकायतें, लिहाजा प्रदेश में 11 हजार पुलिसकर्मियों का किया रोटेशन, प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा रोटेशन
डीजीपी का सख्त रुख- भ्रष्ट पुलिस कर्मियों /अधिकारियों पर होगी सख्त कार्यवाही
इंदौर, 29 जून 2025 : मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना शुक्रवार को इंदौर के पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान newso2 प्रतिनिधि ने डीजीपी से दो अहम सवाल पूछे। पहला- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रदेश में एफआईआर 24 घंटे में सार्वजनिक क्यों नहीं हो रही? दूसरा- पुलिस जनसुनवाई में पारदर्शिता को लेकर लगातार शिकायतें हैं, क्या हर मंगलवार को होने वाली पुलिस जनसुनवाई ऑनलाइन लाइव की जाएगी?
इन सवालों पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने दावा करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक एफआईआर एसआरबी शाखा की वेबसाइट पर अपलोड की जाती हैं। सिर्फ ऐसे गंभीर मामलों को छोड़कर, जिनमें किसी की पहचान उजागर नहीं होनी चाहिए। बाकी सभी एफआईआर पब्लिक डोमेन में हैं और कोई भी उन्हें एक्सेस कर सकता है।
हर मंगलवार को होने वाली पुलिस की जनसुनवाई पर उन्होंने कहा कि “यह कहीं-कहीं रिलीजियस्ली (नियमित) हो रही है। इसमें काफी कुछ संबंधित अफसरों पर भी निर्भर करता है। पुलिस मुख्यालय में तो कई सालों से जनसुनवाई बंद थी। कुछ समय पहले हमने वहाँ दोबारा जनसुनवाई शुरू करवाई। मैं खुद भी कोशिश करता हूँ कि यदि किसी जरूरी मीटिंग में व्यस्त न रहूँ तो आवेदकों से सीधे मिलूँ।”
डीजीपी ने आगे बताया कि जनसुनवाई में मिली शिकायतों के आधार पर हाल ही में बड़े पैमाने पर पुलिस कर्मियों का रोटेशन किया गया है। “कई आवेदकों ने बताया कि कहीं-कहीं एक ही थाने में कर्मचारी 10-12 साल से जमे हुए थे, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई पर असर पड़ रहा था। जून में ही हमने इस पर कार्रवाई कर करीब 11 हजार पुलिसकर्मियों को उनके थानों से रोटेट किया है। मेरे 37 साल के करियर में मैंने कभी नहीं देखा कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ स्टाफ का रोटेशन हुआ हो। इसका असर आने वाले वक्त में दिखेगा।”
आपको बता दें न्यूजओ2 और हमारा यूट्यूब प्लेटफॉर्म लगातार प्रशासनिक महकमों में होने वाली जनसुनवाइयों की स्थिति बयां करता रहा है कि आवेदक किस तरह परेशान हो रहे हैं, यहाँ तक कि पुलिस की जनसुनवाई में तो मीडिया पर अघोषित रूप से प्रतिबंध लगा रखा है।
डीजीपी का सख्त रुख- भ्रष्ट पुलिस कर्मी पर होगी सख्त कार्यवाही
डीजीपी मकवाना ने भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर नकेल कसने पर सख्त रुख दिखाया। उन्होने कई बार ज़ोर देते हुए प्रदेश में व्यापक पैमाने पर हुए 11 हजार कर्मियों की रोटेशन कार्यवाही को माइल स्टोन बताया। उन्होने कहा 11 हजार पुलिस कर्मियों के रोटेशन से प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव आएगा। उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि प्रदेश के कुछ थानों में साँठ गांठ में संलिप्त 80-100 पुलिस कर्मी बच गए हैं तो उन पर भी जल्द कार्यवाही की जाएगी। डीजीपी मकवाना ने मीडिया से अनुरोध किया कि यदि कोई इस तरह के पुलिस कर्मी बचे हैं तो उन्हें या पुलिस कमिश्नर को अवगत कराएं,, उन पर भी कार्यवाही की जाएगी।
