मौतों का आंकड़ा रहस्य
इंदौर, 02 जनवरी 2026: देश की सबसे स्वच्छ नगरी इंदौर और मप्र के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के गृह क्षेत्र विधानसभा क्षेत्र क्रमांक–1 के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से अब तक हजारों लोग उल्टी दस्त का शिकार हुए हैं। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 9 हजार 706 घरों का सर्वे किया जा चुका है। इस सर्वे में कुल 48 हजार 425 लोगों की जांच की गई, जिनमें से 2 हजार 794 लोग संदिग्ध पाए गए हैं। यह कुल जांच किए गए लोगों का 5.76 प्रतिशत है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन लोगों में उल्टी-दस्त के शुरुआती लक्षण मिले थे, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया।
26 प्रतिशत हुए अस्पतालों से डिस्चार्ज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक अब तक 272 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 32 मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया। वहीं 71 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि वर्तमान में 201 मरीज विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं। इस तरह भर्ती मरीजों में से करीब 26 प्रतिशत को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।
उल्लेखनीय है कि 2 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं किया गया। उपलब्ध आंकड़े मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जारी 30 और 31 दिसंबर 2025 तथा 1 जनवरी 2026 के हेल्थ बुलेटिन पर आधारित हैं।
बताया जा रहा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से रहवासियों को उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही थी। 25 दिसंबर को पहली मौत के बाद मामला सामने आया और 28 दिसंबर तक स्थिति गंभीर हो गई। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से अस्पतालों में भीड़ उमड़ पड़ी। मीडिया में मामला उजागर होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और 30 दिसंबर से स्वास्थ्य विभाग ने नियमित रूप से हेल्थ बुलेटिन जारी करना शुरू किया।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन में मौतों की संख्या का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर अब तक 4 मौतें आधिकारिक रूप से स्वीकार की गई हैं, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स में इस संख्या को 15 तक बताया जा रहा है। दूषित जल आपूर्ति को लेकर प्रशासनिक जिम्मेदारी और वास्तविक मौतों के आंकड़ों पर अब भी सवाल बने हुए हैं।
