जबलपुर के वकील की याचिका पर हाईकोर्ट में इसी सप्ताह सुनवाई संभव

जबलपुर, 05 जनवरी 2026: महाधिवक्ता कार्यालय के 157 लॉ ऑफिसरों की हाल ही में घोषित नई टीम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देते हुए जबलपुर के एक अधिवक्ता ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

जबलपुर के बिलहरी निवासी अधिवक्ता योगेश सोनी की ओर से दायर याचिका में 25 दिसंबर को प्रदेश सरकार के विधि और विधायी कार्य विभाग द्वारा जारी लॉ ऑफिसरों की सूची पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि पूरी चयन प्रक्रिया अपारदर्शी, मनमानी और पक्षपातपूर्ण रही है। याचिका में कहा गया है कि नियुक्तियों में केवल अधिवक्ताओं की प्रैक्टिस के वर्षों को ही प्रमुख आधार बनाया गया, जबकि योग्यता, कार्यकुशलता और अन्य संवैधानिक मानकों की अनदेखी की गई। यह प्रक्रिया न केवल अनुचित है, बल्कि कानून के स्थापित सिद्धांतों के भी विपरीत है।

याचिकाकर्ता ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2013 की राजपत्र अधिसूचना में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के लिए स्पष्ट और निर्धारित प्रक्रिया तय की गई है, लेकिन हाल ही में घोषित सूची में उस अधिसूचना का पालन नहीं किया गया। इसे अवैधानिक बताते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। याचिका में एक और अहम आरोप यह लगाया गया है कि लॉ ऑफिसरों के पदों के लिए आवेदन तो आमंत्रित किए गए, लेकिन यह कहीं स्पष्ट नहीं किया गया कि प्राप्त आवेदनों की जांच, मूल्यांकन और शॉर्टलिस्टिंग किस मापदंड पर की गई। इससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।

इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट से मांग की गई है कि वह नियुक्ति प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा करे और नियमों के उल्लंघन पर उचित आदेश पारित करे। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि महाधिवक्ता कार्यालय की नई टीम की नियुक्तियों पर अदालत क्या रुख अपनाती है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।