रात 11 बजे तक बड़े वाहनों पर रोक के बावजूद शहर में घुसा ट्रक, जांच के आदेश

इंदौर, 16 सितंबर 2025 । एयरपोर्ट रोड से बड़ा गणपति तक का इलाका सोमवार रात चीख–पुकार और अफरातफरी से गूंज उठा, जब मौत बनकर आया एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़कों पर कहर बरपाता चला गया। इस भीषण हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक नंबर MP09 ZP 4069 इतनी तेज रफ्तार से वाहनों को रौंदता बढ़ रहा था कि एक मोटरसाइकिल उसके नीचे फंस गई और कई मीटर तक घसीटती रही। इसी दौरान ट्रक में आग लग गई और मोटरसाइकिल चालक की जली अवस्था में मौके पर ही मौत हो गई। कई घायल राहगीर सड़क पर कराहते रहे, उनके अंग-भंग हो चुके थे। आसपास मौजूद लोग ही चीथड़ों और घायलों को संभालते हुए अस्पताल तक पहुंचाते रहे।

हादसे में इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा के वरिष्ठ सहायक कैलाशचंद्र जोशी और वैशाली नगर निवासी रिटायर्ड प्रोफेसर लक्ष्मीकांत सोनी की मौके पर मौत हो गई। वहीं महेश खतवासे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

घायलों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। 12 घायलों में से गीतांजलि अस्पताल में 6, वर्मा यूनियन अस्पताल में 2, बांठिया अस्पताल में 2, अरबिंदो अस्पताल में 1 और भंडारी अस्पताल में 1 को भर्ती कराया गया है। इनमें से 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है।

बड़ा सवाल—प्रतिबंध के बावजूद ट्रक शहर में कैसे घुसा?
जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों में सामने आया है कि ट्रक ड्राइवर नशे में धुत था। पुलिस की जांच में उसके शरीर में भारी मात्रा में अल्कोहल पाया गया। सवाल उठ रहे हैं कि जब रात 11 बजे तक बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित है, तो यह ट्रक शहर के बीचों-बीच कैसे पहुंच गया।

प्रशासन हरकत में
घटना की जानकारी मिलते ही इंदौर कलेक्टर, स्थानीय विधायक मालिनी गौड़ और मंत्री अस्पतालों में भर्ती घायलों से मिलने पहुंचे। विधायक गौड़ ने भी प्रशासन से कड़ा सवाल पूछा कि प्रतिबंध के बावजूद ट्रक शहर में कैसे दाखिल हुआ।

मुख्यमंत्री ने दुख जताया, जांच के आदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला को इंदौर जाने के निर्देश दिए हैं। रात 11 बजे से पहले शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के कारणों की जांच कराने को भी कहा है।

यह हादसा केवल परिवारों का ही नहीं, पूरे शहर का घाव बन गया है। प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि भविष्य में ऐसी लापरवाहियों को कैसे रोका जाए।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।