न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी ने अधिवक्ताओं को दी बहस और तैयारी की सीख


इंदौर, 24 सितम्बर | उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ इंदौर कार्यकारिणी 2024-25 की वार्षिक लेक्चर सीरीज के अंतर्गत बुधवार, 24 सितम्बर 2025 को हाईकोर्ट के कॉन्फ्रेंस हॉल में न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी ने अधिवक्ताओं को संबोधित किया। लेक्चर का विषय था – “Lawyers, Courts and Reflection On Basics”।

उक्त विषय पर उद्बोधन देते हुए न्यायमूर्ति द्विवेदी ने कहा कि वकालत में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी गहरी तैयारी और धैर्य है, न कि फीस या दिखावा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को नोट्स बनाकर तैयारी करना चाहिए, लेकिन बेहतर होगा यदि बगैर नोट्स पढ़ें बहस करें। अदालत में आवाज़ और हाव-भाव का बड़ा महत्व है, परंतु कभी यह प्रदर्शित न करें कि आप न्यायाधीश से अधिक बुद्धिमान हैं।

उन्होंने कहा कि बहुत धीमी गति से बहस करने से जज का ध्यान भटक सकता है। विपक्षी पक्ष की दलीलों पर आश्चर्य व्यक्त करना नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहस में प्रवाह (fluency) से अधिक भाषा पर पकड़ और गहरी समझ होना ज़रूरी है यदि आप अपने केस में पूरी तरह डूबे हुए हैं तो परिणाम की चिंता छोड़ दें। तैयारी और सही बहस ही सबसे बड़ी ताकत है।

न्यायमूर्ति द्विवेदी ने ज़ोर देकर कहा कि मेहनत कभी फीस पर आधारित नहीं होनी चाहिए। जब मैं वकील था तब “एक केस में मुझे पाँच हजार की फीस मिली, लेकिन मैंने उस पर पढ़ाई के लिए अठारह हजार की किताबें खरीदीं।” जो भी केस लड़ो, पूरी तैयारी से लड़ो।

उन्होंने कहा कि बिना साहस के सत्य की रक्षा नहीं की जा सकती और बिना सत्य न्याय संभव नहीं है। वकीलों को प्रत्येक कानून की बुनियादी समझ होनी चाहिए और हमेशा अदालत को ही संबोधित करना चाहिए, न कि सहकर्मियों को।

उन्होने एक प्रश्न के जवाब में नवीन अधिवक्ताओं के लिए सीख देते हुए कहा, कि मेहनत का कोई तोड़ नहीं है। यह पेशा बहुत अध्ययन और मेहनत मांगता है, जो मेहनत करता है और अपने केस की अच्छी तैयारी करता है। तो वह नया भी है तो भी उसका कोन्फ़िडेंस बना रहता है, फिर उसे अपने सीनियर्स के सामने जिरह करने में हिचक नहीं होती।

कार्यक्रम के अंत में बार अध्यक्ष रितेश ईनाणी ने आभार प्रकट किया और बार के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।