प्रदेश में निजी विद्यालयों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण के लिये सख्त प्रावधान
इंदौर, 07 सितम्बर 2025
प्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा फीस में अनियमित वृद्धि पर रोक लगाने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़े प्रावधान लागू किये हैं। इन नियमों के तहत अब कोई भी निजी विद्यालय किताबें, यूनिफॉर्म, टाई और कॉपियों को किसी विशेष दुकान से क्रय करने के लिये बाध्य नहीं कर सकेगा।
नियमों के अनुसार विद्यालयों को स्टेशनरी, पठन सामग्री, बैग, यूनिफॉर्म, स्पोर्ट्स किट, ट्रांसपोर्ट सुविधा और फीस से एकत्रित राशि का पूरा विवरण अपने नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। साथ ही, कक्षा-वार एवं मद-वार आगामी सत्र की प्रस्तावित फीस संरचना को फीस विनियमन पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी कर दिया गया है।
इस वर्ष प्रदेश के करीब 10 हजार 200 निजी विद्यालयों ने पोर्टल पर फीस का विवरण अपलोड किया है। हालांकि जिन विद्यालयों की किसी भी कक्षा की वार्षिक फीस 25 हजार रुपये या उससे कम है, उन्हें इस व्यवस्था से छूट दी गई है। ऐसे विद्यालयों को केवल पोर्टल पर शपथ पत्र अपलोड करना होगा।
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो विद्यालय निर्धारित समय-सीमा में जानकारी या शपथ पत्र अपलोड नहीं करेंगे, उनके खिलाफ जिला समिति कानूनी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, निजी विद्यालयों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला समिति का गठन भी किया गया है।
यह व्यवस्था प्रदेश में पारदर्शिता बढ़ाने और अभिभावकों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
