हाईकोर्ट का सख्त आदेश:
निजी और अपात्र वाहनों से तत्काल हटें हूटर, सायरन और फ्लैशलाइट — प्रमुख सचिव, DGP, RTO समेत अफसरों से जवाब तलब
इंदौर, 31 जुलाई 2025।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने निजी और अपात्र वाहनों में अवैध रूप से लगे हूटर, सायरन, फ्लैशलाइट और गलत नंबर प्लेट के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सात दिनों के भीतर ऐसे सभी उपकरण हटाने और नंबर प्लेट दुरुस्त करने का अंतरिम आदेश पारित किया है। साथ ही प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, इंदौर कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और RTO से चार सप्ताह में जवाब भी मांगा गया है।
यह आदेश पूर्व पार्षद महेश गर्ग द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव एवं अदिति मनीष यादव ने कोर्ट में तर्क रखा कि मार्च 2025 में राज्य सरकार ने सर्कुलर जारी कर सभी पुलिस अधीक्षकों और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
बहस के दौरान अधिवक्ताओं ने कोर्ट के सामने कई ऐसे वाहनों के फोटो प्रस्तुत किए जिनमें निजी और अपात्र लोग हूटर-सायरन का दुरुपयोग करते दिखे। उन्होंने बताया कि ये वाहन न केवल ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न करते हैं, बल्कि ‘नो पार्किंग’ ज़ोन में दबाव बनाकर वाहन खड़े करते हैं — जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।
इस पर सहमति जताते हुए न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां आम जनता के अधिकारों का उल्लंघन हैं और कानून व्यवस्था पर नकारात्मक असर डालती हैं।
🔴 अगला कदम:
अब सभी संबंधित विभागों को चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करनी होगी। साथ ही प्रशासन को 7 दिन में निजी और अपात्र वाहनों से हूटर, सायरन और फ्लैशलाइट हटवाने का कार्य सुनिश्चित करना होगा।
📌 यह आदेश पूरे राज्य के लिए चेतावनी है: अब कोई भी व्यक्ति प्रभाव दिखाने के लिए अपने वाहन पर अवैध उपकरण लगाकर कानून से खिलवाड़ नहीं कर सकेगा।
