SC/ST आरक्षण के तहत पदोन्नति नीति में बदलाव को चुनौती, हाईकोर्ट ने मांगा विस्तृत जवाब

इंदौर, 07 जुलाई 2025: मध्यप्रदेश सरकार की नई पदोन्नति नीति पर जबलपुर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए आगामी एक सप्ताह तक इस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 2002 से अब तक की पदोन्नति प्रक्रिया का विवरण मांगा है, साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि नई नीति में क्या भिन्नताएं हैं और किस आधार पर इसे लागू किया गया है।

क्या है मामला?

मामला अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) आरक्षण के तहत पदोन्नति को लेकर है। प्रदेश में पिछले दो दशकों से पदोन्नति में आरक्षण नीति को लेकर कई बार विवाद, याचिकाएं और नीतिगत परिवर्तन सामने आ चुके हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने नई पदोन्नति नीति लागू करने का निर्णय लिया, जिसमें वरिष्ठता, आरक्षण और पात्रता के मापदंडों में बदलाव किया गया है।

इस नई नीति को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि इससे योग्य कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं, और यह संविधान के प्रावधानों व पूर्ववर्ती न्यायिक निर्णयों के अनुरूप नहीं है।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई तक पदोन्नति पर रोक लगाई है और विस्तृत जवाब मांगा है। इस फैसले से हजारों सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया पर फिलहाल विराम लग गया है।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित एक दैनिक अखबार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।