विभिन्न विभागों और यूनिट में कार्य का मिलेगा अनुभव
– पारदर्शिता बढ़ेगी, मरीजों को बेहतर सेवाओं का होगा लाभ
– नर्सिंग स्टाफ को एम्स जैसी कार्यप्रणाली से जोड़ने की तैयारी
इन्दौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमवाय अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसरों के लिए अब रोटेशन प्रणाली लागू की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया की अध्यक्षता में कार्य समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
अभी तक करीब 800 से अधिक नर्सिंग ऑफिसर कुछ ही विभागों में कार्यकाल पूरा कर लेते थे। रोटेशन पद्धति लागू होने के बाद डायलिसिस यूनिट, बोन मैरो यूनिट, किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट, सर्जरी, मेडिसिन और गायनिक समेत विभिन्न विभागों में नर्सिंग ऑफिसरों की नियमित अदला-बदली होगी। इससे हर नर्सिंग ऑफिसर को अलग-अलग विभागों में काम करने और सीखने का मौका मिलेगा।
डॉ. घनघोरिया ने कहा कि इस कदम से न केवल नर्सिंग ऑफिसरों के अनुभव में वृद्धि होगी, बल्कि संस्थान की कार्य प्रणाली भी अधिक पारदर्शी और उन्नत होगी। साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज और सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य एमवाय अस्पताल को प्रदेश का उत्कृष्ट संस्थान बनाना है, ताकि गरीब और वंचित वर्ग को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
