कांग्रेस सांसद बोले– सरकार सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन मानती तो दंगे न होते, छोटे व्यापारी व किसान जीएसटी से परेशान, बैलेट पेपर से चुनाव कराने की उठाई मांग
दिग्विजय को शीतला माता मंदिर जाने से रोका गया
इंदौर, 27 सितम्बर। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आज इंदौर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “इमरजेंसी का दौर छोड़ दें तो पत्रकारों को कभी भी इस तरह प्रताड़ित नहीं किया गया, जैसा आज हो रहा है।”
इंदौर प्रेस क्लब में उन्होंने कहा कि उनकी 2021 की पब्लिक इन्टरेस्ट लिटिगेशन सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसमें जुलूसों के दौरान भड़काऊ नारे और संवेदनशील स्थलों पर नियमविरुद्ध गतिविधियों का मुद्दा उठाया गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक हिंसा रोकने के लिए काफी विस्तार से गाइडलाइन दी हैं, लेकिन प्रदेश सरकार उनका पालन नहीं कर रही। मैं दावे से कह सकता हूँ यदि राज्य सरकारें वो गाइडलाइन पालन कर लें तो कभी कोई दंगा फसाद नहीं हो सकता।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि उनके 10 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में मध्यप्रदेश में एक भी बड़ा दंगा नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने पुलिस थाना क्षेत्र वार धार्मिक उन्मादियों की पहचान कर कार्रवाई की थी। उन्होने कहा “हमने बजरंग दल पर भी अंकुश लगाया और सिमी पर भी,”।
उन्होंने इंदौर के शीतला माता बाजार विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के दबाव में मुस्लिम व्यापारियों को दुकान खाली करने को कहा गया। कांग्रेस नेताओं द्वारा नामजद शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। “आज पीड़ितों से मिला, लेकिन पुलिस-प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय है,” उन्होंने आरोप लगाया। दिग्विजय ने यह भी कहा कि पुलिस ने उन्हें शीतला माता मंदिर जाने से रोका गया।
जीएसटी को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छोटे व्यापारियों और आम जनता पर बोझ है जबकि अमीरों से अपेक्षाकृत कम टैक्स लिया जा रहा है। किसानों की बदहाली पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सोयाबीन का भाव आज भी 12 साल पहले जैसा ही है, जबकि उत्पादन लागत कई गुना बढ़ गई है। सिंह ने अपने कार्यकाल की उपलब्धि गिनाते हुए वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सहकारी सिस्टम से खाद वितरण होता था, और कोई गड़बड़ी नहीं हुई। और अब पुलिस के डंडे के साथ खाद वितरण हो रहा है। सरकार ने निजीकरण करके बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और काला बाजारी को बढ़ावा दिया है।
चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और ईवीएम को लेकर जनता का विश्वास उठ रहा है। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग दोहराई। उन्होने कहा “मतदान लोकतंत्र का मौलिक अधिकार है, यह सुनिश्चित होना चाहिए कि हर वोट सही जगह दर्ज हो और उसकी गिनती हो,” उन्होंने कहा।
सिंह ने अंत में कहा कि भाजपा नफरत फैलाकर धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है जबकि कांग्रेस संवैधानिक मूल्यों और जनता के हक की लड़ाई लड़ रही है।
