इंदौर। शहरवासियों के लिए बड़ी सौगात—इंदौर की सड़कों पर जल्द ही 50 नई इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नज़र आएंगी। ये बसें सिंगल चार्ज और अपॉर्चुनिटी चार्जिंग के साथ रोज़ाना 180 किलोमीटर तक सफर तय कर सकेंगी।

एक इलेक्ट्रिक बस की कीमत 1.20 करोड़ रुपये है, जिन पर कुल 60 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन्हें नेट कास्ट मॉडल पर संचालित किया जाएगा, जिसमें सरकार को AMRUT योजना के तहत 40% वीजीएफ (Viability Gap Funding) का लाभ मिलेगा। इसके चलते संचालन लागत शून्य रहेगी और सरकार को वित्तीय फायदा पहुंचेगा।

तय रूटों पर चलेंगी बसें

नई इलेक्ट्रिक बसें शहर के प्रमुख मार्गों पर चलाई जाएंगी—

M6 मार्ग : राजवाड़ा से तेजाजी नगर (22 बसें)

R5 मार्ग : अरबिंदो हॉस्पिटल से महूनाका (15 बसें)

N13 मार्ग : अपोलो डीबी सिटी से पितृ पर्वत (4 बसें)

राजीव गांधी से सिलिकॉन सिटी (4 बसें)

R9 मार्ग : कैट चौराहा से कैलिफोर्निया सिटी (5 बसें)

पर्यावरण को लाभ

डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से हर साल 22.68 लाख किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा और शहर का प्रदूषण स्तर घटेगा।

यात्रियों के लिए हाईटेक सुविधा

इन बसों को डिजिटल बस के रूप में संचालित किया जाएगा। टिकटिंग पूरी तरह डिजिटल पेमेंट और ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम से होगी।
यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा के लिए इनमें पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन और पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम (PIS) जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी।

मौजूदा संचालन

फिलहाल इंदौर शहर में 70 इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक चलाई जा रही हैं। एआईसीटीएसएल (AICTSL) के माध्यम से शहर में कुल 550 बसें संचालित होती हैं, जिनसे रोज़ाना दो लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।

👉 इंदौर में यह नई पहल न केवल सार्वजनिक परिवहन को और सशक्त करेगी बल्कि स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण मित्र शहर की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी।

By Neha Jain

नेहा जैन मध्यप्रदेश की जानी-मानी पत्रकार है। समाचार एजेंसी यूएनआई, हिंदुस्तान टाइम्स में लंबे समय सेवाएं दी है। सुश्री जैन इंदौर से प्रकाशित दैनिक पीपुल्स समाचार की संपादक रही है। इनकी कोविड-19 महामारी के दौरान की गई रिपोर्ट को देश और दुनिया ने सराहा। अपनी बेबाकी और तीखे सवालों के लिए वे विख्यात है।